हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार देर रात नई सरकार के विभागों का बंटवारा कर दिया. सीएम ने गृह, ऊर्जा समेत कई अहम विभाग अपने पास रखे हैं. कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को वित्त जबकि रामविलास शर्मा को परिवहन और शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक सीएम गृह, ऊर्जा, शहर और ग्राम नियोजन, शहरी संपदा, विज्ञान और तकनीकी, सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना और जन संपर्क तथा संस्कृति मंत्रालय समेत अधिकतर विभाग अपने पास रखेंगे. कैप्टन अभिमन्यु को वित्त, राजस्व और आपदा प्रबंधन, वन और पर्यावरण के साथ उद्योग और वाणिज्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. शर्मा को शिक्षा, परिवहन, तकनीकी शिक्षा, खाद्य और आपूर्ति, पर्यटन, नागरिक उड्डयन, संसदीय कार्य जैसे विभाग सौंपे गए हैं. खट्टर ने बीते रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी जिसके बाद मंगलवार रात विभागों का बंटवारा किया गया. ओ पी धनखड़ राज्य के नए कृषि और सिंचाई मंत्री होंगे वहीं पांचवी बार विधायक बने अनिल विज स्वास्थ्य, खेल और युवा मामलों के विभागों का कामकाज देखेंगे. राव नरबीर सिंह को पीडब्ल्यूडी और सार्वजनिक स्वास्थ्य आभियांत्रिकी मंत्री बनाया गया है. खट्टर सरकार की एक मात्र महिला मंत्री कविता जैन को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की कमान सौंपी गई है. वह अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का प्रभार भी संभालेंगी. राज्यमंत्रियों में विक्रम सिंह ठेकेदार को सहकारिता विभाग और कृष्ण कुमार बेदी को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग का काम सौंपा गया है. करण देव कंबोज को रामविलास शर्मा के साथ खाद्य और आपूर्ति विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया है.
Wednesday, October 29, 2014
हरियाणा सरकार के मंत्रियों के नाम और उनके विभाग
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार देर रात नई सरकार के विभागों का बंटवारा कर दिया. सीएम ने गृह, ऊर्जा समेत कई अहम विभाग अपने पास रखे हैं. कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को वित्त जबकि रामविलास शर्मा को परिवहन और शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक सीएम गृह, ऊर्जा, शहर और ग्राम नियोजन, शहरी संपदा, विज्ञान और तकनीकी, सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना और जन संपर्क तथा संस्कृति मंत्रालय समेत अधिकतर विभाग अपने पास रखेंगे. कैप्टन अभिमन्यु को वित्त, राजस्व और आपदा प्रबंधन, वन और पर्यावरण के साथ उद्योग और वाणिज्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. शर्मा को शिक्षा, परिवहन, तकनीकी शिक्षा, खाद्य और आपूर्ति, पर्यटन, नागरिक उड्डयन, संसदीय कार्य जैसे विभाग सौंपे गए हैं. खट्टर ने बीते रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी जिसके बाद मंगलवार रात विभागों का बंटवारा किया गया. ओ पी धनखड़ राज्य के नए कृषि और सिंचाई मंत्री होंगे वहीं पांचवी बार विधायक बने अनिल विज स्वास्थ्य, खेल और युवा मामलों के विभागों का कामकाज देखेंगे. राव नरबीर सिंह को पीडब्ल्यूडी और सार्वजनिक स्वास्थ्य आभियांत्रिकी मंत्री बनाया गया है. खट्टर सरकार की एक मात्र महिला मंत्री कविता जैन को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की कमान सौंपी गई है. वह अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का प्रभार भी संभालेंगी. राज्यमंत्रियों में विक्रम सिंह ठेकेदार को सहकारिता विभाग और कृष्ण कुमार बेदी को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग का काम सौंपा गया है. करण देव कंबोज को रामविलास शर्मा के साथ खाद्य और आपूर्ति विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया है.
भारत सरकार के मंत्रियों के नाम और उनके विभाग
भारत सरकार के मंत्रियों के नाम और उनके विभाग
कैबिनेट मंत्री:
राजनाथ सिंह : गृह मंत्रालय
सुषमा स्वराज : विदेश मंत्रालय, प्रवासी भारतीय मामलों का मंत्रालय
अरुण जेटली : वित्त, कॉरपोरेट मामला, रक्षा मंत्रालय
एम वेंकैया नायडू : शहरी विकास, आवास व शहरी गरीबी उन्मूलन, संसदीय कार्य मंत्रालय
नितिन गडकरी : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी
डीवी सदानंद गौड़ा : रेलवे
उमा भारती : जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन
नजमा ए हेपुल्ला : अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय
गोपीनाथ राव मुंडे : ग्रामीण विकास, पंजायती राज, पेयजल व स्वच्छता
रामविलास पासवान : उपभोक्ता मामला, खाद्य व सार्वजनिक वितरण
कलराज मिश्र : सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम
मेनका गांधी : महिला व बाल विकास विभाग
अनंत कुमार : रासायनिक व उवर्रक
रविशंकर प्रसाद : संचार और सूचना प्रौद्योगिकी, कानून व न्याय
अशोक गजपति राजू पसुपति : नागरिक उड्डयन
अनंत गीते : भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम
हरसिमरत कौर बादल : खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
नरेंद्र सिंह तोमर : खनन, इस्पात, श्रम एवं रोजगार
जुआल ओरांव : जनजातीय मामला
राधा मोहन सिंह : कृषि
थवर चंद गहलोत : सामाजिक न्याय व अधिकारिता
स्मृति ईरानी : मानव संसाधन विकास
हर्षवर्धन : स्वास्थ्य व परिवार कल्याण
राज्य मंत्री:
जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह : पूर्वोत्तर क्षेत्रों का विकास (स्वतंत्र प्रभार), विदेश मंत्रालय, प्रवासी भारतीय मामलों का मंत्रालय
इंद्रजीत सिंह राव : नियोजन (स्वतंत्र प्रभार), सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन (स्वतंत्र प्रभार), रक्षा
संतोष कुमार गंगवार : कपड़ा (स्वतंत्र प्रभार ) संसदीय कार्य मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन
श्रीपद येसो नाइक : संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार), पयर्टन (स्वतंत्र प्रभार)
धर्मेद्र प्रधान : पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस (स्वतंत्र प्रभार)
सर्बनंद सोनोवाल : कौशल विकास, उद्यमशीलता, युवा मामले व खेल (स्वतंत्र प्रभार)
प्रकाश जावड़ेकर : सूचना व प्रसारण (स्वतंत्र प्रभार), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन (स्वतंत्र प्रभार), संसदीय मामला
पियूष गोयल : विद्युत (स्वतंत्र प्रभार), कोयला (स्वतंत्र प्रभार), नवीन व नवीनीकृत ऊर्जा (स्वतंत्र प्रभार)
जितेंद्र सिंह : विज्ञान व प्रौद्योगिकी (स्वतंत्र प्रभार), भू विज्ञान (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन, आण्विक ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग
निर्मला सीतारमन : वाणिज्य व उद्योग (स्वतंत्र प्रभार), वित्त, कॉरपोरेट मामला
जीएम सिद्देश्वरा : नागरिक उड्डयन
मनोज सिन्हा : रेलवे
निहालचंद : रासायनिक व ऊवर्रक
उपेंद्र कुशवाहा : ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल एवं स्वच्छता
पी राधाकृष्णन : भारी उद्योग व सार्वजनिक उद्यम
किरन रिज्जु : गृह मंत्रालय
कृष्ण पाल : सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी
संजीव कुमार बलयान : कृषि, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
मनसुखभाई धंजीभाई वासवा : जनजातीय मामला
रावसाहेब दादराव दान्वे : उपभोक्ता मामला, खाद्य व सार्वजनिक वितरण
विष्णु देव साईं : खनन, इस्पात, श्रम व रोजगार
सुदर्शन भगत : सामाजिक न्याय व अधिकारिता
Friday, October 10, 2014
Wednesday, January 1, 2014
दुनियाभर में मनाए जाते हैं कई नववर्ष
सरफ़राज़ ख़ान
विभिन्न संस्कृतियों के देश भारत में एक नहीं दो नहीं, बल्कि अनेक नववर्ष मनाए जाते हैं. यहां के अलग-अलग समुदायों के अपने-अपने नववर्ष हैं. अंग्रेजी कैलेंडर का नववर्ष एक जनवरी को शुरू होता है. इस दिन ईसा मसीह का नामकरण हुआ था. दुनियाभर में इसे धूमधाम से मनाया जाता है.
मोहर्रम महीने की पहली तारीख को मुसलमानों का नया साल हिजरी शुरू होता है. मुस्लिम देशों में इसका उत्साह देखने को मिलता है. इस्लामी या हिजरी कैलेंडर, एक चंद्र कैलेंडर है, जो न सिर्फ मुस्लिम देशों में इस्तेमाल होता है, बल्कि दुनियाभर के मुसलमान भी इस्लामिक धार्मिक पर्वों को मनाने का सही समय जानने के लिए इसी का इस्तेमाल करते हैं. यह चंद्र-कैलेंडर है, जिसमें एक वर्ष में बारह महीने, और 354 या 355 दिन होते हैं, क्योंकि यह सौर कैलेंडर से 11 दिन छोटा है इसलिए इस्लामी तारीखें, जो कि इस कैलेंडर के अनुसार स्थिर तिथियों पर होतीं हैं, लेकिन हर वर्ष पिछले सौर कैलेंडर से 11 दिन पीछे हो जाती हैं. इसे हिजरी इसलिए कहते हैं, क्योंकि इसका पहला साल वह वर्ष है जिसमें हज़रत मुहम्मद की मक्का शहर से मदीना की ओर हिज्ऱ या वापसी हुई थी. हिंदुओं का नववर्ष नव संवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा में पहले नवरात्र से शुरू होता है. इस दिन ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी. जैन नववर्ष दीपावली से अगले दिन होता है. भगवान महावीर स्वामी की मोक्ष प्राप्ति के अगले दिन यह शुरू होता है. इसे वीर निर्वाण संवत कहते हैं. बहाई धर्म में नया वर्ष ‘नवरोज’ हर वर्ष 21 मार्च को शुरू होता है. बहाई समुदाय के ज्यादातर लोग नव वर्ष के आगमन पर 2 से 20 मार्च अर्थात् एक महीने तक व्रत रखते हैं. गुजराती 9 नवंबर को नववर्ष ‘बस्तु वरस’ मनाते हैं. अलग-अलग नववर्षों की तरह अंग्रेजी नववर्ष के 12 महीनों के नामकरण भी बेहद दिलचस्प है.
जनवरी : रोमन देवता 'जेनस' के नाम पर वर्ष के पहले महीने जनवरी का नामकरण हुआ. मान्यता है कि जेनस के दो चेहरे हैं. एक से वह आगे और दूसरे से पीछे देखता है. इसी तरह जनवरी के भी दो चेहरे हैं. एक से वह बीते हुए वर्ष को देखता है और दूसरे से अगले वर्ष को. जेनस को लैटिन में जैनअरिस कहा गया. जेनस जो बाद में जेनुअरी बना जो हिन्दी में जनवरी हो गया.
फरवरी : इस महीने का संबंध लैटिन के फैबरा से है. इसका अर्थ है 'शुद्धि की दावत' . पहले इसी माह में 15 तारीख को लोग शुद्धि की दावत दिया करते थे. कुछ लोग फरवरी नाम का संबंध रोम की एक देवी फेबरुएरिया से भी मानते हैं. जो संतानोत्पत्ति की देवी मानी गई है इसलिए महिलाएं इस महीने इस देवी की पूजा करती थीं.
मार्च : रोमन देवता 'मार्स' के नाम पर मार्च महीने का नामकरण हुआ. रोमन वर्ष का प्रारंभ इसी महीने से होता था. मार्स मार्टिअस का अपभ्रंश है जो आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. सर्दियों का मौसम खत्म होने पर लोग शत्रु देश पर आक्रमण करते थे इसलिए इस महीने को मार्च रखा गया.
अप्रैल : इस महीने की उत्पत्ति लैटिन शब्द 'एस्पेरायर' से हुई. इसका अर्थ है खुलना. रोम में इसी माह बसंत का आगमन होता था इसलिए शुरू में इस महीने का नाम एप्रिलिस रखा गया. इसके बाद वर्ष के केवल दस माह होने के कारण यह बसंत से काफी दूर होता चला गया. वैज्ञानिकों ने पृथ्वी के सही भ्रमण की जानकारी से दुनिया को अवगत कराया तब वर्ष में दो महीने और जोड़कर एप्रिलिस का नाम पुनः सार्थक किया गया.
मई : रोमन देवता मरकरी की माता 'मइया' के नाम पर मई नामकरण हुआ. मई का तात्पर्य 'बड़े-बुजुर्ग रईस' हैं. मई नाम की उत्पत्ति लैटिन के मेजोरेस से भी मानी जाती है.
जून : इस महीने लोग शादी करके घर बसाते थे. इसलिए परिवार के लिए उपयोग होने वाले लैटिन शब्द जेन्स के आधार पर जून का नामकरण हुआ. एक अन्य मान्यता के मुताबिक रोम में सबसे बड़े देवता जीयस की पत्नी जूनो के नाम पर जून का नामकरण हुआ.
जुलाई : राजा जूलियस सीजर का जन्म एवं मृत्यु दोनों जुलाई में हुई. इसलिए इस महीने का नाम जुलाई कर दिया गया.
अगस्त : जूलियस सीजर के भतीजे आगस्टस सीजर ने अपने नाम को अमर बनाने के लिए सेक्सटिलिस का नाम बदलकर अगस्टस कर दिया जो बाद में केवल अगस्त रह गया.
सितंबर : रोम में सितंबर सैप्टेंबर कहा जाता था. सेप्टैंबर में सेप्टै लैटिन शब्द है जिसका अर्थ है सात और बर का अर्थ है वां यानी सेप्टैंबर का अर्थ सातवां, लेकिन बाद में यह नौवां महीना बन गया.
अक्टूबर : इसे लैटिन 'आक्ट' (आठ) के आधार पर अक्टूबर या आठवां कहते थे, लेकिन दसवां महीना होने पर भी इसका नाम अक्टूबर ही चलता रहा.
नवंबर : नवंबर को लैटिन में पहले 'नोवेम्बर' यानी नौवां कहा गया. ग्यारहवां महीना बनने पर भी इसका नाम नहीं बदला एवं इसे नोवेम्बर से नवंबर कहा जाने लगा.
दिसंबर : इसी प्रकार लैटिन डेसेम के आधार पर दिसंबर महीने को डेसेंबर कहा गया. वर्ष का बारहवां महीना बनने पर भी इसका नाम नहीं बदला. (स्टार न्यूज़ एजेंसी)
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