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Thursday, November 11, 2010

फ़िरदौस ख़ान जी का लेख चोरी

फ़िरदौस ख़ान जी का लेख चोरी हो गया है. चोरी का यह लेख  मेरी खबर. कॉम पर किसी चंदन भाटी के नाम से  बाड़मेर से प्रकाशित किया गया है. 

मेरी खबर. कॉम इस तरह के घृणित कार्य से देश और समाज को क्या संदेश देना चाहता है, समझ से परे है.   इस घृणित कृत्य (चोरी) की जितनी निंदा की जाए कम है.   
हमें ऐसी चोरियों  के खिलाफ एकजुट होना होगा, वरना उनका दुस्साहस बढ़ता जाएगा. 
आपका क्या कहना है?

Wednesday, November 3, 2010

मोमबत्ती से रहें सावधान

सरफ़राज़ ख़ान

पैराफिन वैक्स मोमबत्ती  जो रोमांस, फ्रैग्रेंस और रोशनी के लिए इस्तेमाल की जाती हैं, इनसे घर के अंदर वायु प्रदूषण होता है, जो कैंडिल पेट्रोलियम से तैयार की जाती हैं, उनको मानव कार्सिनोजेंस और इनडोर पॉल्यूशन के तौर पर जाना जाता है.  

 

दिवाली आने को है इस्लिए हमें मोमबत्ती के प्रदूषण से अपने आप को दूर रखना चाहिए. जो लोग परफैक्ट हेल्थ मेला में आएगें उन्हें पैराफिन वैक्स मोमबत्ती के प्रदूषण के बारे में बताया जाएगा। बीसवैक्स या सोय से तैयार की गई कैंडिल, भले ही वे कितनी महंगी हो उनको सुरक्षित कहा जा सकता है क्योंकि इनसे नुकसानपरक प्रदूषण नहीं होता है.
किसी मौके पर पैराफिन कैंडिल और इसके उत्सर्जन से नुकसान नहीं होता है, लेकिन सालों तक पैराफिन की कैंडिल की रोशनी जो बाथरूम या टब पर इस्तेमाल की जाती है तो यह समस्या का सबब बन सकती है. वेंटिलेशन से बंद कमरों के प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकता है. जलती हुई कैंडिल से होने वाले प्रदूषण से भी सांस संबंधी समस्या या एलर्जी हो सकती है। 
(स्टार न्यूज़ एजेंसी)

Saturday, September 5, 2009

वो बचपन


बहुत पीछे छोड़ हैं हम
वो घर आंगन
वो बचपन
जो खिलखिला के हंसा करता था
बच्चों की कमीज पकड़कर
रेल बना करती थी
हमारे हंसने पर
नानी हंसा करती थी
पंजों पर खड़े होकर
खिड़की से बचपन
सड़क देखा करता था
मुटठी में तितलियां बंदकर
इठलाया करता था
बहुत पीछे छोड़ आए
 बचपन...
-सरफ़राज़ ख़ान